मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....
मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....
मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥