इस दिल में तुम्हारे सिवा किसी को इजाजत नहीं

इस दिल में तुम्हारे सिवा किसी को इजाजत नहीं

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ख्वाब तो मीठे देखे थे... ताज्जुब हैं... आखों का पानी खारा कैसे हो गया...!

मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!

मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही, वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही, ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो, सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!

बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए

तुम ही वजह मेरे खालीपन की.. और.. तुम्ही गूंजते हो मुझमें हरदम !

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

ख्वाब तो मीठे देखे थे... ताज्जुब हैं... आखों का पानी खारा कैसे हो गया...!

मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!

मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही, वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही, ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो, सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!

बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए

तुम ही वजह मेरे खालीपन की.. और.. तुम्ही गूंजते हो मुझमें हरदम !

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है