मेरी बात सुन पगली अकेले हम ही शामिल नही है इस जुर्म में.... जब नजरे मिली थी तो मुस्कराई तू भी थी
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??
बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!
आप खुद नहीं जानती आप कितनी प्यारी हो, जान हो हमारी पर जान से प्यारी हो, दूरियों क होने से कोई फर्क नही पड़ता आप कल भी हमारी थी और आज बी हमारी हो.
एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे
मेरी बात सुन पगली अकेले हम ही शामिल नही है इस जुर्म में.... जब नजरे मिली थी तो मुस्कराई तू भी थी
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??
बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!
आप खुद नहीं जानती आप कितनी प्यारी हो, जान हो हमारी पर जान से प्यारी हो, दूरियों क होने से कोई फर्क नही पड़ता आप कल भी हमारी थी और आज बी हमारी हो.
एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे