जाते वक्त बहोत गुरूर से कहा था उसने.... "तुम जैसे हजार मिलेंगे" मैंने मुस्कुरा कर कहा.... " मुझ जैसे की ही तलाश क्यों
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |
कुछ रिश्ते निभाने के लिए आपका, नासमझ बने रहना जरूरी है...
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी
जाते वक्त बहोत गुरूर से कहा था उसने.... "तुम जैसे हजार मिलेंगे" मैंने मुस्कुरा कर कहा.... " मुझ जैसे की ही तलाश क्यों
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |
कुछ रिश्ते निभाने के लिए आपका, नासमझ बने रहना जरूरी है...
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी