मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....
कभी-कभी किसी से ऐसा रिश्ता भी बन जाता हैं...कि हर चीज से पहले उसी का ख्याल आता है
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!
हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....
कभी-कभी किसी से ऐसा रिश्ता भी बन जाता हैं...कि हर चीज से पहले उसी का ख्याल आता है
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!
हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ