मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

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दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है

ऐ ईश्क सुना था के… तु अंन्धा है फिर मेरे धर का राश्ता तुजे कीसने बताया

कमाल हैं ना ...? सांसे मेरी जिंदगी मेरी मोहब्बत मेरी, मगर जीने के लिये जरूरत तेरी

हो जा मेरी कि इतनी मोहब्बत दूँगा तुझे, लोग हसरत करेंगे तेरे जैसा नसीब पाने के लिए..!!

हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ

सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है

ऐ ईश्क सुना था के… तु अंन्धा है फिर मेरे धर का राश्ता तुजे कीसने बताया

कमाल हैं ना ...? सांसे मेरी जिंदगी मेरी मोहब्बत मेरी, मगर जीने के लिये जरूरत तेरी

हो जा मेरी कि इतनी मोहब्बत दूँगा तुझे, लोग हसरत करेंगे तेरे जैसा नसीब पाने के लिए..!!

हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ

सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!