हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
एक दिन तुम्हे एहसास होगा कि क्या था मैं तुम्हारे लिए ! पर तब तक मैं तुम्हारी ज़िन्दगी से बहुत दूर जा चुका हूँगा
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं हे, ये दिल उसका हे , अपना होता तो बात और होती
हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
एक दिन तुम्हे एहसास होगा कि क्या था मैं तुम्हारे लिए ! पर तब तक मैं तुम्हारी ज़िन्दगी से बहुत दूर जा चुका हूँगा
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं हे, ये दिल उसका हे , अपना होता तो बात और होती