ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए

ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए

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मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं

Na Chaand Ki Chahat Na Taron Ki Fharamaish, Har Janam Tu Hi Mile Yahi Meri Khwaish. ना चाँद की चाहत ना तारों की फरमाइश, हर जनम तू ही मिले यही मेरी ख्वाइश।

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी

इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .

ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ

मोहब्बत का कोई रंग नही फिर भी वो रंगीन है, प्यार का कोई चेहरा नही फिर भी वो हसीन हैं|

मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं

Na Chaand Ki Chahat Na Taron Ki Fharamaish, Har Janam Tu Hi Mile Yahi Meri Khwaish. ना चाँद की चाहत ना तारों की फरमाइश, हर जनम तू ही मिले यही मेरी ख्वाइश।

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी

इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .

ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ

मोहब्बत का कोई रंग नही फिर भी वो रंगीन है, प्यार का कोई चेहरा नही फिर भी वो हसीन हैं|