खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं; चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर तुम साथ रहना, चाहे दूर रहो पर हमेशा दिल के पास रहना
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...
खुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा,.,., तो खुद आज़माया होगा,.,., हमारी तो औकात ही क्या है,.,., इस इश्क़ ने खुदा को भी रुलाया होगा
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं; चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर तुम साथ रहना, चाहे दूर रहो पर हमेशा दिल के पास रहना
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...
खुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा,.,., तो खुद आज़माया होगा,.,., हमारी तो औकात ही क्या है,.,., इस इश्क़ ने खुदा को भी रुलाया होगा