छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़

छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़

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मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी

धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर, आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है.

इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |

Na Chaand Ki Chahat Na Taron Ki Fharamaish, Har Janam Tu Hi Mile Yahi Meri Khwaish. ना चाँद की चाहत ना तारों की फरमाइश, हर जनम तू ही मिले यही मेरी ख्वाइश।

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी

धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर, आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है.

इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |

Na Chaand Ki Chahat Na Taron Ki Fharamaish, Har Janam Tu Hi Mile Yahi Meri Khwaish. ना चाँद की चाहत ना तारों की फरमाइश, हर जनम तू ही मिले यही मेरी ख्वाइश।

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?