मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही, वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही, ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो, सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!
सुनो जान तुम मेरी पहली और आखरी पसंद नहीं बल्कि तुम मेरी एकलौती पसंद हो
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी
बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे! बड़ी दुआओं से पाया है तुझे! तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे! किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे
तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही, वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही, ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो, सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!
सुनो जान तुम मेरी पहली और आखरी पसंद नहीं बल्कि तुम मेरी एकलौती पसंद हो
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी
बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे! बड़ी दुआओं से पाया है तुझे! तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे! किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे
तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?