मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ
हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है
काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ
हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है
काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी