“एक बार उसने कहा था मेरे सिवा किसी से प्यार ना करना, बस फिर क्या था तबसे मोहब्बत की नजर से हमने खुद को भी नहीं देखा

“एक बार उसने कहा था मेरे सिवा किसी से प्यार ना करना, बस फिर क्या था तबसे मोहब्बत की नजर से हमने खुद को भी नहीं देखा

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सच्चे प्यार के लिए दूरियां मायने नहीं रखतीं

कुछ तो सोचा होगा किस्मत ने तेरे मेरे बारे मैं, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुमसे ही मोहब्बत क्यों हुई

रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥

सच्चे इश्क में अल्फाज़ से ज्यादा एहसास की एहमियत होती है

छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है आखरी सास तक तेरा इंतजार करू

सच्चे प्यार के लिए दूरियां मायने नहीं रखतीं

कुछ तो सोचा होगा किस्मत ने तेरे मेरे बारे मैं, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुमसे ही मोहब्बत क्यों हुई

रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥

सच्चे इश्क में अल्फाज़ से ज्यादा एहसास की एहमियत होती है

छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है आखरी सास तक तेरा इंतजार करू