भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है… और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है।
बढ़ी हुई शारीरिक गतिविधि सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है..
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
मुझे गर्व महसूस होता है … जिम जाने में
वक़्त आ गया है …. अब बदलने का
मज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है, गरूर में रहोगे, तो रास्ते भी न देख पायोगे।
भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है… और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है।
बढ़ी हुई शारीरिक गतिविधि सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है..
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
मुझे गर्व महसूस होता है … जिम जाने में
वक़्त आ गया है …. अब बदलने का
मज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है, गरूर में रहोगे, तो रास्ते भी न देख पायोगे।