ज़िंदगी का खेल जारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है
मैं हर रोज ट्रेन करता हूं .. कि मेरा कल बेहतर जाए।
मज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है, गरूर में रहोगे, तो रास्ते भी न देख पायोगे।
होंसला रख… कामयाबी जरुरु मिलेगी….!
अच्छे दिनों में कसरत और बुरे दिनों में कठिन कसरत।…
न भागना है, न रुकना है, बस चलते रहना है, चलते रहना है।
ज़िंदगी का खेल जारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है
मैं हर रोज ट्रेन करता हूं .. कि मेरा कल बेहतर जाए।
मज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है, गरूर में रहोगे, तो रास्ते भी न देख पायोगे।
होंसला रख… कामयाबी जरुरु मिलेगी….!
अच्छे दिनों में कसरत और बुरे दिनों में कठिन कसरत।…
न भागना है, न रुकना है, बस चलते रहना है, चलते रहना है।