मांसपेशीयां लोड… हो रही है …
किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे… तो आप सफल हो जाएंगे।
कल्पना की शक्ति … हमें अनंत बनाती है।
नहीं … हार मत मान … एक दिन समय तुम्हारा होगा ..
किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
मांसपेशीयां लोड… हो रही है …
किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे… तो आप सफल हो जाएंगे।
कल्पना की शक्ति … हमें अनंत बनाती है।
नहीं … हार मत मान … एक दिन समय तुम्हारा होगा ..
किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।