रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
तुम ? मिलो या ना मिलो ये किस्मत ✨ की बात है… लेकिन में कोशिश भी ना ❌ करू ये #गलत बात है ??
कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.
अपने वो नहीं होते जो तस्वीरों में साथ खड़े होते हैं, अपने वो होते हैं जो तकलीफ में साथ होते हैं
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
तुम ? मिलो या ना मिलो ये किस्मत ✨ की बात है… लेकिन में कोशिश भी ना ❌ करू ये #गलत बात है ??
कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.
अपने वो नहीं होते जो तस्वीरों में साथ खड़े होते हैं, अपने वो होते हैं जो तकलीफ में साथ होते हैं