उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,
क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”
खुदा करे की किसी पर कोई फ़िदा न हो, अगर हो तो मौत से पहले जुदा न हो
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो
उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,
क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”
खुदा करे की किसी पर कोई फ़िदा न हो, अगर हो तो मौत से पहले जुदा न हो
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो