तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ
खूबसूरती तेरी लोगो को दीवाना बनती हैं, धुप में मानो ठंडक दे जाती हैं, सलामत रहे तेरे होंठो पर हंसी, क्युकी ये हंसी ही तुझको चाँद की तरह खिला जाती हैं
कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर, एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था !
उसकी मुहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब है, अपना भी नहीं बनाती और किसी का होने भी नहीं देती
तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ
खूबसूरती तेरी लोगो को दीवाना बनती हैं, धुप में मानो ठंडक दे जाती हैं, सलामत रहे तेरे होंठो पर हंसी, क्युकी ये हंसी ही तुझको चाँद की तरह खिला जाती हैं
कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर, एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था !
उसकी मुहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब है, अपना भी नहीं बनाती और किसी का होने भी नहीं देती