अपनापन छलके जिस की बातों में .. सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में

अपनापन छलके जिस की बातों में .. सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में

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छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़

मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता

हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की, शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या ज़रूरत थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की

खुदा करे की किसी पर कोई फ़िदा न हो, अगर हो तो मौत से पहले जुदा न हो

मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है

दिलो मे रहता हु, धड़कने थमा देता हु - मे इश्क हु - वजूद की धजिया उड़ा देता हु

छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़

मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता

हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की, शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या ज़रूरत थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की

खुदा करे की किसी पर कोई फ़िदा न हो, अगर हो तो मौत से पहले जुदा न हो

मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है

दिलो मे रहता हु, धड़कने थमा देता हु - मे इश्क हु - वजूद की धजिया उड़ा देता हु