चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
ना संघर्ष न तकलीफ … तो क्या मज़ा है जीने में … बड़े बड़े तूफ़ान थम जाते हैं … जब आग लगी हो सीने में।
अब आलस नहीं…. सिर्फ जिम
अपनी सोच को अनुशासन पर हावी मत होने दो
शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का।
ज़िंदगी का खेल जारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है
चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।
ना संघर्ष न तकलीफ … तो क्या मज़ा है जीने में … बड़े बड़े तूफ़ान थम जाते हैं … जब आग लगी हो सीने में।
अब आलस नहीं…. सिर्फ जिम
अपनी सोच को अनुशासन पर हावी मत होने दो
शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का।
ज़िंदगी का खेल जारी है आज तेरी तो कल मेरी बारी है