मैं एक Beast बनना चाहता हूं।
अपनी सोच को अनुशासन पर हावी मत होने दो
वक़्त आ गया है …. अब बदलने का
जो लोग सोचते हैं कि उनके पास शारीरिक व्यायाम के लिए समय नहीं है, जल्द ही या बाद में बीमारी के लिए समय निकालना होगा…
मज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है, गरूर में रहोगे, तो रास्ते भी न देख पायोगे।
फिट रहना सब से ज्यादा दिमाग की बात है।
मैं एक Beast बनना चाहता हूं।
अपनी सोच को अनुशासन पर हावी मत होने दो
वक़्त आ गया है …. अब बदलने का
जो लोग सोचते हैं कि उनके पास शारीरिक व्यायाम के लिए समय नहीं है, जल्द ही या बाद में बीमारी के लिए समय निकालना होगा…
मज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है, गरूर में रहोगे, तो रास्ते भी न देख पायोगे।
फिट रहना सब से ज्यादा दिमाग की बात है।