मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे।

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वक़्त आ गया है …. अब बदलने का

मुझे 99 समस्याएं मिलीं, लेकिन मैं GYM जा रहा हूं … और सभी को अनदेखा कर रहा हूं।

किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।

अपनी सोच को अनुशासन पर हावी मत होने दो

रुकने का नहीं … चलते रहो।…

जितने वाले कभी बहाने नहीं बनाते

वक़्त आ गया है …. अब बदलने का

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अपनी सोच को अनुशासन पर हावी मत होने दो

रुकने का नहीं … चलते रहो।…

जितने वाले कभी बहाने नहीं बनाते