जीवन में दिनों को जोड़ना कसरत नहीं कहते, बल्कि दिनों में जीवन जोड़ना ही कसरत है …

जीवन में दिनों को जोड़ना कसरत नहीं कहते, बल्कि दिनों में जीवन जोड़ना ही कसरत है …

Share:

More Like This

मैं हर रोज ट्रेन करता हूं .. कि मेरा कल बेहतर जाए।

वक़्त आ गया है …. अब बदलने का

शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का।

किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।

नहीं … हार मत मान … एक दिन समय तुम्हारा होगा ..

थका हु .. पर जिमजाने से मुझे कोई रोक नहीं सकता …

मैं हर रोज ट्रेन करता हूं .. कि मेरा कल बेहतर जाए।

वक़्त आ गया है …. अब बदलने का

शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का।

किस्मत ओर सुबह की नींद – कभी समय पर नहीं खुलती ।

नहीं … हार मत मान … एक दिन समय तुम्हारा होगा ..

थका हु .. पर जिमजाने से मुझे कोई रोक नहीं सकता …