तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता
खुद ही पागल करते हो फिर कहते हो पागल हो तुम
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता
खुद ही पागल करते हो फिर कहते हो पागल हो तुम
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़