बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम

बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम

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तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है

गर्मी तो बोहत पढ़ रही है। फिर भी उनका दिल पिघलने का नाम ही नहीं ले रहा ।

बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |

इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |

तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा, तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा.. मेरी मोहब्बत तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है, तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा

प्यार वो नहीं है जो दुनिया को दिखाया जाये बल्कि वो है जो दिल से निभाया जाए

तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है

गर्मी तो बोहत पढ़ रही है। फिर भी उनका दिल पिघलने का नाम ही नहीं ले रहा ।

बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |

इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |

तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा, तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा.. मेरी मोहब्बत तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है, तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा

प्यार वो नहीं है जो दुनिया को दिखाया जाये बल्कि वो है जो दिल से निभाया जाए