ऐसा नही है कि मुझमे कोई ‘ऐब’ नही है.. पर सच कहता हूँ मुझमें ‘फरेब’ नहीं है
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी
खुद ही पागल करते हो फिर कहते हो पागल हो तुम
सबकी लाइफ में कम से कम एक ऐसा इंसान ?♂️ तो होना चाहिए जो हमे सच्चे दिल ♥️ से प्यार और केयर करता हो।
जरुरी नहीं कि इंसान प्यार की मूरत हो, सुंदर और बेहद खूबसूरत हो, अच्छा तो वही इंसान होता है, जो तब आपके साथ हो, जब आपको उसकी जरुरत हो
कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.
ऐसा नही है कि मुझमे कोई ‘ऐब’ नही है.. पर सच कहता हूँ मुझमें ‘फरेब’ नहीं है
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी
खुद ही पागल करते हो फिर कहते हो पागल हो तुम
सबकी लाइफ में कम से कम एक ऐसा इंसान ?♂️ तो होना चाहिए जो हमे सच्चे दिल ♥️ से प्यार और केयर करता हो।
जरुरी नहीं कि इंसान प्यार की मूरत हो, सुंदर और बेहद खूबसूरत हो, अच्छा तो वही इंसान होता है, जो तब आपके साथ हो, जब आपको उसकी जरुरत हो
कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.