मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |
उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं हे, ये दिल उसका हे , अपना होता तो बात और होती
ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए
रहा नहीं जाता आपके दीदार के बिना ज़िन्दगी अधूरी है मेरी आपके प्यार क बिना
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |
उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं हे, ये दिल उसका हे , अपना होता तो बात और होती
ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए
रहा नहीं जाता आपके दीदार के बिना ज़िन्दगी अधूरी है मेरी आपके प्यार क बिना