नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??
मुहब्बत नहीं है नाम सिर्फ पा लेने का.... बिछड़ के भी अक्सर दिल धड़कते हैं साथ-साथ
अपनापन छलके जिस की बातों में .. सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में
कुछ इस तरह से….नाराज हैं वो हमसे, जैसे उन्हें, किसी और ने…मना लिया हो..!
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम ‘जान’ दे देते हैं मगर ‘जाने’ नहीं देते !!
नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??
मुहब्बत नहीं है नाम सिर्फ पा लेने का.... बिछड़ के भी अक्सर दिल धड़कते हैं साथ-साथ
अपनापन छलके जिस की बातों में .. सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में
कुछ इस तरह से….नाराज हैं वो हमसे, जैसे उन्हें, किसी और ने…मना लिया हो..!
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम ‘जान’ दे देते हैं मगर ‘जाने’ नहीं देते !!