मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम ‘जान’ दे देते हैं मगर ‘जाने’ नहीं देते !!
हो जा मेरी कि इतनी मोहब्बत दूँगा तुझे, लोग हसरत करेंगे तेरे जैसा नसीब पाने के लिए..!!
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम ‘जान’ दे देते हैं मगर ‘जाने’ नहीं देते !!
हो जा मेरी कि इतनी मोहब्बत दूँगा तुझे, लोग हसरत करेंगे तेरे जैसा नसीब पाने के लिए..!!
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़