मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी

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मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी

नाम देने से कौन से रिश्ते सँवर जाते हैं...जहाँ रूह न बँधे दिल बिखर जाते हैं..

वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…

मोहब्बत का कोई रंग नही फिर भी वो रंगीन है, प्यार का कोई चेहरा नही फिर भी वो हसीन हैं|

सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी

नाम देने से कौन से रिश्ते सँवर जाते हैं...जहाँ रूह न बँधे दिल बिखर जाते हैं..

वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…

मोहब्बत का कोई रंग नही फिर भी वो रंगीन है, प्यार का कोई चेहरा नही फिर भी वो हसीन हैं|

सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है