प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है
बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए
उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,
एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे
सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है
बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए
उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,
एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे
सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर..औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...