लापता होकर निकले थे मोहबत में तेरी, हमें कया पता था मशहूर हो जाएंगे
ऐसा नही है कि मुझमे कोई ‘ऐब’ नही है.. पर सच कहता हूँ मुझमें ‘फरेब’ नहीं है
ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो
ना कोई शिकायत, ना कोई ग़म.... तेरे ही थे ओर तेरे ही रहेगे हम…
किसी को भी नहीं चाहा मेने एक तुझे चाहने के बाद
बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम
लापता होकर निकले थे मोहबत में तेरी, हमें कया पता था मशहूर हो जाएंगे
ऐसा नही है कि मुझमे कोई ‘ऐब’ नही है.. पर सच कहता हूँ मुझमें ‘फरेब’ नहीं है
ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो
ना कोई शिकायत, ना कोई ग़म.... तेरे ही थे ओर तेरे ही रहेगे हम…
किसी को भी नहीं चाहा मेने एक तुझे चाहने के बाद
बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम