हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
किसी ने मुझसे कहा इतने ख़ूबसूरत नहीं हो तुम, मैंने कहा महाकाल के भक्त खूंखार ही अच्छे लगते हैं।
कबूल मेरी भी विनती होनी चाहिये तुझे चाहने वाले पागलो में हमारी भी गिनती होनी चाहिये, ?Jai Mahakal?
ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।
हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
किसी ने मुझसे कहा इतने ख़ूबसूरत नहीं हो तुम, मैंने कहा महाकाल के भक्त खूंखार ही अच्छे लगते हैं।
कबूल मेरी भी विनती होनी चाहिये तुझे चाहने वाले पागलो में हमारी भी गिनती होनी चाहिये, ?Jai Mahakal?
ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।