ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
सारा जहाँ है जिसकी शरण में नमन है उस शिव जी के चरण में बने उस शिवजी के चरणों की धुल आओ मिल कर चढ़ाये हम श्रद्धा के फूल
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**
अदभुत भोले तेरी माया, अमरनाथ में डेरा जमाया नीलकंठ में तेरा साया, तू ही मेरे दिल में समाया जय श्री महाकाल
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
सारा जहाँ है जिसकी शरण में नमन है उस शिव जी के चरण में बने उस शिवजी के चरणों की धुल आओ मिल कर चढ़ाये हम श्रद्धा के फूल
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**
अदभुत भोले तेरी माया, अमरनाथ में डेरा जमाया नीलकंठ में तेरा साया, तू ही मेरे दिल में समाया जय श्री महाकाल