महाकाल के भक्तों से पंगा, और भरी महेफिल में दंगा मत करना वर्ना करूँगा चौराहे पे नंगा और भेजूँगा तेरी अस्थियों को गंगा । ?Jai Shree Mahakal?

महाकाल के भक्तों से पंगा, और भरी महेफिल में दंगा मत करना वर्ना करूँगा चौराहे पे नंगा और भेजूँगा तेरी अस्थियों को गंगा । ?Jai Shree Mahakal?

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जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव

नशा उनके भक्ति की अनंतकाल तक होगी, मोहब्बत अब हमें अपने महाकाल से होगी

हमें ढूंढना ?इतना मुश्किल नहीं है मेरे ?दोस्त, बस जिस महेफिल में महाकाल? की आवाज गूंज रही हो वहा चले आना।

करूँ क्यों फ़िक्र कि मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.

जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव

नशा उनके भक्ति की अनंतकाल तक होगी, मोहब्बत अब हमें अपने महाकाल से होगी

हमें ढूंढना ?इतना मुश्किल नहीं है मेरे ?दोस्त, बस जिस महेफिल में महाकाल? की आवाज गूंज रही हो वहा चले आना।

करूँ क्यों फ़िक्र कि मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.