कबूल मेरी भी विनती होनी चाहिये तुझे चाहने वाले पागलो में हमारी भी गिनती होनी चाहिये, ?Jai Mahakal?
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।
यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.
मौत का डर उनको लगता है, जिनके कर्मों मे दाग है । हम तो महाकाल के भक्त है, हमारे तो खून में ही आग है । ?Jai Shree Mahakal?
तेरी चौखट पे सर रख दिया हैं, भार मेरा उठाना पड़ेगा। मैं भला हूँ बुरा हूँ मेरे महाकाल मुझको अपना बनाना पड़ेगा।
कबूल मेरी भी विनती होनी चाहिये तुझे चाहने वाले पागलो में हमारी भी गिनती होनी चाहिये, ?Jai Mahakal?
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।
यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.
मौत का डर उनको लगता है, जिनके कर्मों मे दाग है । हम तो महाकाल के भक्त है, हमारे तो खून में ही आग है । ?Jai Shree Mahakal?
तेरी चौखट पे सर रख दिया हैं, भार मेरा उठाना पड़ेगा। मैं भला हूँ बुरा हूँ मेरे महाकाल मुझको अपना बनाना पड़ेगा।