#खुल चुका है #नेत्र तीसरा, शिव शंभू #त्रिकाल का, इस #कलयुग में वो ही बचेगा, जो भक्त हो #महाकाल का । ?Jai Shree Mahakal?
बदलता तो हर जीव है और जो ना बदले वह तो शिव है जय भोले, जय महाकाल
छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है
भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है ।
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
#खुल चुका है #नेत्र तीसरा, शिव शंभू #त्रिकाल का, इस #कलयुग में वो ही बचेगा, जो भक्त हो #महाकाल का । ?Jai Shree Mahakal?
बदलता तो हर जीव है और जो ना बदले वह तो शिव है जय भोले, जय महाकाल
छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है
भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है ।
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?