कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
गुलाम नहीं है हम किसी के बाप के, शिव शम्बू भक्त है हम आपके !! हर-हर महादेव
अदभुत भोले तेरी माया, अमरनाथ में डेरा जमाया नीलकंठ में तेरा साया, तू ही मेरे दिल में समाया जय श्री महाकाल
वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,
“महादेव” के भक्त है,ना किसी से कोई ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, हमारी अपनी मंज़िले हमारी अपनी दौड़..!! ।।हर हर महादेव।।
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
गुलाम नहीं है हम किसी के बाप के, शिव शम्बू भक्त है हम आपके !! हर-हर महादेव
अदभुत भोले तेरी माया, अमरनाथ में डेरा जमाया नीलकंठ में तेरा साया, तू ही मेरे दिल में समाया जय श्री महाकाल
वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,
“महादेव” के भक्त है,ना किसी से कोई ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, हमारी अपनी मंज़िले हमारी अपनी दौड़..!! ।।हर हर महादेव।।