जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।
ना पुण्य है वो ना पाप है वो एक अनदेखा सा श्राप है वो उसे डर नही किसी मन्त्र का क्योकी खुद मे ही महाजाप है वो #Har_Har_Mahadev?
#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।
हम महादेव के दीवाने है! तान के सीना चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर श्रीराम के पलते है!
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है ।
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।
ना पुण्य है वो ना पाप है वो एक अनदेखा सा श्राप है वो उसे डर नही किसी मन्त्र का क्योकी खुद मे ही महाजाप है वो #Har_Har_Mahadev?
#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।
हम महादेव के दीवाने है! तान के सीना चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर श्रीराम के पलते है!
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है ।