राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
मेरे महाकाल कहते हैं कि मत सोच तेरा सपना पूरा होगा या नहीं होगा… क्योंकि जिसके कर्म अच्छे होते हैं उनकी तो मैं भी मदद करता हूँ…
दिखावे की मोहब्बत से दूर रहता हूँ, इसलिये मैं महाकाल के नशे में चूर रहता हूँ ।
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
जब भी मैं अपने बुरे हालातो से घबराता हूँ, तब मेरे महाकाल की आवाज आती है, रूक मैं अभी आता हूँ । **जय महाकाल**
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
मेरे महाकाल कहते हैं कि मत सोच तेरा सपना पूरा होगा या नहीं होगा… क्योंकि जिसके कर्म अच्छे होते हैं उनकी तो मैं भी मदद करता हूँ…
दिखावे की मोहब्बत से दूर रहता हूँ, इसलिये मैं महाकाल के नशे में चूर रहता हूँ ।
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
जब भी मैं अपने बुरे हालातो से घबराता हूँ, तब मेरे महाकाल की आवाज आती है, रूक मैं अभी आता हूँ । **जय महाकाल**