चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
दुनिया पर किया गया भरोसा तो टूट सकता है, लेकिन दुनिया के मालिक महाकाल पर किया गया भरोसा कभी नहीं टूटता है..!
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है जय शिव शम्भू
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
कोई दौलत का दीवाना कोई शोहरत का दीवाना? शीशे सा मेरा दिल मैं तो सिर्फ महादेव का दीवाना हर हर महादेव ?
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
दुनिया पर किया गया भरोसा तो टूट सकता है, लेकिन दुनिया के मालिक महाकाल पर किया गया भरोसा कभी नहीं टूटता है..!
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है जय शिव शम्भू
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
कोई दौलत का दीवाना कोई शोहरत का दीवाना? शीशे सा मेरा दिल मैं तो सिर्फ महादेव का दीवाना हर हर महादेव ?
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव