हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ।
हे मेरे भोलेनाथ सुख देना तो बस इतना देना कि मन में अहंकार न आ जाये और दु:ख देना तो बस इतना देना कि आस्था न चली जाये.
वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:
लिख दे किस्मत में मेरी महाकाल का प्यार कुछ ऐसा करिश्मा कर दे मुझको मिल जाए महाकाल का दीदार
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ।
हे मेरे भोलेनाथ सुख देना तो बस इतना देना कि मन में अहंकार न आ जाये और दु:ख देना तो बस इतना देना कि आस्था न चली जाये.
वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा न हो, वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा न हो,
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:
लिख दे किस्मत में मेरी महाकाल का प्यार कुछ ऐसा करिश्मा कर दे मुझको मिल जाए महाकाल का दीदार
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।