ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम
ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।
आँधी तूफान से वो डरते है, जिनके मन में प्राण बसते है । वो मौत देखकर भी हँसते है, जिनके मन में महाकाल बसते है ?Har Har Mahadev?
ना पुण्य है वो ना पाप है वो एक अनदेखा सा श्राप है वो उसे डर नही किसी मन्त्र का क्योकी खुद मे ही महाजाप है वो #Har_Har_Mahadev?
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम
ना गिन के दिया ना तोल के दिया, मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया, दिल खोल कर दिया ।
आँधी तूफान से वो डरते है, जिनके मन में प्राण बसते है । वो मौत देखकर भी हँसते है, जिनके मन में महाकाल बसते है ?Har Har Mahadev?
ना पुण्य है वो ना पाप है वो एक अनदेखा सा श्राप है वो उसे डर नही किसी मन्त्र का क्योकी खुद मे ही महाजाप है वो #Har_Har_Mahadev?