जिक्र अगर हीरो का होगा, तो नाम हिंदुस्तान के वीरों का होगा।
दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत मेरी मिटटी से भी खुशबू-इ-वतन आएगी. सरदार भगत सिंह
गूंज उठता हैं जहां में चारो ओर….. लोगो की जुबान से वन्दे मातरम का नारा
आओ देश का सम्मान करें… शहीदों की शहादत याद करे एक बार फिर से राष्ट्र की कमान, हम हिंदुस्तानी अपने हाथ धरे, आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करे…
बेबी को बेस पसन्द हैं, सलमान को केस पसन्द हैं, मोदी को विदेश पसन्द हैं, और मुझे मेरा देश पसंद हैं।
कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को, जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा, हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की, इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा..
जिक्र अगर हीरो का होगा, तो नाम हिंदुस्तान के वीरों का होगा।
दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत मेरी मिटटी से भी खुशबू-इ-वतन आएगी. सरदार भगत सिंह
गूंज उठता हैं जहां में चारो ओर….. लोगो की जुबान से वन्दे मातरम का नारा
आओ देश का सम्मान करें… शहीदों की शहादत याद करे एक बार फिर से राष्ट्र की कमान, हम हिंदुस्तानी अपने हाथ धरे, आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करे…
बेबी को बेस पसन्द हैं, सलमान को केस पसन्द हैं, मोदी को विदेश पसन्द हैं, और मुझे मेरा देश पसंद हैं।
कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को, जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा, हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की, इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा..