कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को, जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा, हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की, इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा..
ये मत पूछो की वतन ने तुमको क्या दिया ? ये सोचो कि तुमने वतन के लिए क्या किया ?
दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका.. जब तक दिल में जान हैं।
ना पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है हमारी पहचान तो ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसिता हमारा
सदा ही लहराता रहे ये तिरंगा हमारा सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा
कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को, जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा, हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की, इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा..
ये मत पूछो की वतन ने तुमको क्या दिया ? ये सोचो कि तुमने वतन के लिए क्या किया ?
दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका.. जब तक दिल में जान हैं।
ना पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है हमारी पहचान तो ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसिता हमारा
सदा ही लहराता रहे ये तिरंगा हमारा सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा