अब तक जिसका खून न खौला, वो खून नहीं वो पानी है जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है

अब तक जिसका खून न खौला, वो खून नहीं वो पानी है जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है

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आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस

जो शहीद हो गए वो अमर कहलाये अक्सर उनकी कुरबानियों के आगे सदा नमन हमारा..

आत्मनिर्भरता वाले इंसान की तरह परस्पर निर्भरता का होना भी बहुत जरुरी है। इंसान भी सामाजिक ही है। Mahatma Gandhi

ये अगस्त ही वो महीना है तो आजादी की याद दिलाता है उन देशभक्तों की याद दिलाता है जो देश के लिए घर परिवार सब छोड़कर बलिदान हो गये जय हिन्द….

जिन की पत्नी वेकेशन करने मायके चली गई है, वो स्टेटस पर तिरंगा लगा कर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकते हैं।

ना पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है हमारी पहचान तो ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं

आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस

जो शहीद हो गए वो अमर कहलाये अक्सर उनकी कुरबानियों के आगे सदा नमन हमारा..

आत्मनिर्भरता वाले इंसान की तरह परस्पर निर्भरता का होना भी बहुत जरुरी है। इंसान भी सामाजिक ही है। Mahatma Gandhi

ये अगस्त ही वो महीना है तो आजादी की याद दिलाता है उन देशभक्तों की याद दिलाता है जो देश के लिए घर परिवार सब छोड़कर बलिदान हो गये जय हिन्द….

जिन की पत्नी वेकेशन करने मायके चली गई है, वो स्टेटस पर तिरंगा लगा कर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकते हैं।

ना पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है हमारी पहचान तो ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं