देश भक्तों के बलिदान से स्वतंत्र हुए हैं हम, कोई पूछे कौन हो तो गर्व से कहेंगे भारतीय हैं हम।

देश भक्तों के बलिदान से स्वतंत्र हुए हैं हम, कोई पूछे कौन हो तो गर्व से कहेंगे भारतीय हैं हम।

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चलो फिर से आज वह नज़ारा याद कर ले, शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले, जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे देशभक्तो के खून की वो धारा याद करले..||

जो लोग दूसरों को आजादी नहीं देते, उन्हें खुद भी इसका हक नहीं होता –

अब्राहम लिंकन

चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं, इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं, मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं, कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं…

है नमन उनको, जो यशकाय को अमरत्व देकर, इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं, है नमन उनको, जिनके सामने बौना हिमालय, जो धरा पर गिर पड़े, पर आसमानी हो गये हैं..!!

लड़ें वो वीर जवानों की तरह, ठंडा खून फ़ौलाद हुआ, मरते-मरते भी मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ…

मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो

चलो फिर से आज वह नज़ारा याद कर ले, शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले, जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे देशभक्तो के खून की वो धारा याद करले..||

जो लोग दूसरों को आजादी नहीं देते, उन्हें खुद भी इसका हक नहीं होता –

अब्राहम लिंकन

चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं, इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं, मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं, कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं…

है नमन उनको, जो यशकाय को अमरत्व देकर, इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं, है नमन उनको, जिनके सामने बौना हिमालय, जो धरा पर गिर पड़े, पर आसमानी हो गये हैं..!!

लड़ें वो वीर जवानों की तरह, ठंडा खून फ़ौलाद हुआ, मरते-मरते भी मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ…

मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो