चलो फिर से खुद को जागते हैं अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं सुनहरा रंग है शहीदों के लहू से ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं !!
गूंज उठता हैं जहां में चारो ओर….. लोगो की जुबान से वन्दे मातरम का नारा
मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो
गंगा यमुना यहाँ नर्मदा, मंदिर मस्जिद के संग गिरजा, शांति प्रेम की देता शिक्षा, मेरा भारत सदा सर्वदा..!!
ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!
चलो फिर से खुद को जागते हैं अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं सुनहरा रंग है शहीदों के लहू से ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं !!
गूंज उठता हैं जहां में चारो ओर….. लोगो की जुबान से वन्दे मातरम का नारा
मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो
गंगा यमुना यहाँ नर्मदा, मंदिर मस्जिद के संग गिरजा, शांति प्रेम की देता शिक्षा, मेरा भारत सदा सर्वदा..!!
ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!