क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |

क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |

Share:

More Like This

ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !

कहतें हैं कि मोहबत एक बार होती है..पर मैं जब जब उसे देखता हूँ..मुझे हर बार होती है॥

ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो

मुहब्बत नहीं है नाम सिर्फ पा लेने का.... बिछड़ के भी अक्सर दिल धड़कते हैं साथ-साथ

सो जाया करो जल्दी कभी – कभी, ख्वाबो को तुम्हारा इंतज़ार रहता है

मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही, वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही, ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो, सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!

ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !

कहतें हैं कि मोहबत एक बार होती है..पर मैं जब जब उसे देखता हूँ..मुझे हर बार होती है॥

ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो

मुहब्बत नहीं है नाम सिर्फ पा लेने का.... बिछड़ के भी अक्सर दिल धड़कते हैं साथ-साथ

सो जाया करो जल्दी कभी – कभी, ख्वाबो को तुम्हारा इंतज़ार रहता है

मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही, वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही, ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो, सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!