भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान…
जिस प्रकार पानी की एक बूंद समंदर में मिलकर अपनी पहचान खो देता है उस प्रकार इंसान जिस सोसाइटी में रहता है उसमे रहते हुए अपनी पहचान कभी नही खोता। इंसान की जिंदगी स्वतंत्र है। वह केवल अपने समाज के विकास के लिये पैदा नही हुआ बल्कि खुद का विकास करने के लिये पैदा हुआ है। B.R. Ambedkar
ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!
ये अगस्त ही वो महीना है तो आजादी की याद दिलाता है उन देशभक्तों की याद दिलाता है जो देश के लिए घर परिवार सब छोड़कर बलिदान हो गये जय हिन्द….
चलो फिर से आज वह नज़ारा याद कर ले, शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले, जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे देशभक्तो के खून की वो धारा याद करले..||
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा
भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान…
जिस प्रकार पानी की एक बूंद समंदर में मिलकर अपनी पहचान खो देता है उस प्रकार इंसान जिस सोसाइटी में रहता है उसमे रहते हुए अपनी पहचान कभी नही खोता। इंसान की जिंदगी स्वतंत्र है। वह केवल अपने समाज के विकास के लिये पैदा नही हुआ बल्कि खुद का विकास करने के लिये पैदा हुआ है। B.R. Ambedkar
ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!
ये अगस्त ही वो महीना है तो आजादी की याद दिलाता है उन देशभक्तों की याद दिलाता है जो देश के लिए घर परिवार सब छोड़कर बलिदान हो गये जय हिन्द….
चलो फिर से आज वह नज़ारा याद कर ले, शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले, जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे देशभक्तो के खून की वो धारा याद करले..||
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा