ना मरो सनम बेवफा के लिए, दो गज़ जमीन नहीं मिलेगी दफ़न होने के लिए, मरना हैं तो मरो वतन के लिए, हसीना भी दुप्पट्टा उतार देगी तेरे कफ़न के लिए

ना मरो सनम बेवफा के लिए, दो गज़ जमीन नहीं मिलेगी दफ़न होने के लिए, मरना हैं तो मरो वतन के लिए, हसीना भी दुप्पट्टा उतार देगी तेरे कफ़न के लिए

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वतन की सर बुलंदी के लिए ये दिल क्या ख़ुशी ख़ुशी मिट जाए ये जिस्म भी हमारा…

मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो

आजादी की कभी शाम ना होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे बची है जो 1 भी बूंद लहू की तब तक भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे

जिक्र अगर हीरो का होगा, तो नाम हिंदुस्तान के वीरों का होगा।

गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है दिल से तुमको नमन हैं करते ये आजाद वतन जो दिलाया है….

आओ देश का सम्मान करें शहीदों की शहादत याद करें एक बार फिर से राष्ट्र की कमान हिंदुस्तानी अपने हाथ धरें आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करें

वतन की सर बुलंदी के लिए ये दिल क्या ख़ुशी ख़ुशी मिट जाए ये जिस्म भी हमारा…

मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो

आजादी की कभी शाम ना होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे बची है जो 1 भी बूंद लहू की तब तक भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे

जिक्र अगर हीरो का होगा, तो नाम हिंदुस्तान के वीरों का होगा।

गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है दिल से तुमको नमन हैं करते ये आजाद वतन जो दिलाया है….

आओ देश का सम्मान करें शहीदों की शहादत याद करें एक बार फिर से राष्ट्र की कमान हिंदुस्तानी अपने हाथ धरें आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करें