ना मरो सनम बेवफा के लिए, दो गज़ जमीन नहीं मिलेगी दफ़न होने के लिए, मरना हैं तो मरो वतन के लिए, हसीना भी दुप्पट्टा उतार देगी तेरे कफ़न के लिए
जो अब तक ना खौला खून नहीं पानी है जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी है
काश मेरी जिंदगी मे सरहद की कोइ शाम आए। मेरी जिंदगी मेरे वतन के काम आए।। ना खौफ है मौत का ना आरजु है जन्नत की लेकीन जब कभी जीक्र हो शहीदो का काश मेरा भी नाम आए।। काश मेरा भी नाम आए।
वतन की सर बुलंदी के लिए ये दिल क्या ख़ुशी ख़ुशी मिट जाए ये जिस्म भी हमारा…
इश्क़ तो करता हैं हर कोई मेहबूब पे मरता हैं हर कोई, कभी वतन को मेहबूब बना कर देखो= तुझ पे मरेगा हर कोई……!!!!
गंगा यमुना यहाँ नर्मदा, मंदिर मस्जिद के संग गिरजा, शांति प्रेम की देता शिक्षा, मेरा भारत सदा सर्वदा..!!
ना मरो सनम बेवफा के लिए, दो गज़ जमीन नहीं मिलेगी दफ़न होने के लिए, मरना हैं तो मरो वतन के लिए, हसीना भी दुप्पट्टा उतार देगी तेरे कफ़न के लिए
जो अब तक ना खौला खून नहीं पानी है जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी है
काश मेरी जिंदगी मे सरहद की कोइ शाम आए। मेरी जिंदगी मेरे वतन के काम आए।। ना खौफ है मौत का ना आरजु है जन्नत की लेकीन जब कभी जीक्र हो शहीदो का काश मेरा भी नाम आए।। काश मेरा भी नाम आए।
वतन की सर बुलंदी के लिए ये दिल क्या ख़ुशी ख़ुशी मिट जाए ये जिस्म भी हमारा…
इश्क़ तो करता हैं हर कोई मेहबूब पे मरता हैं हर कोई, कभी वतन को मेहबूब बना कर देखो= तुझ पे मरेगा हर कोई……!!!!
गंगा यमुना यहाँ नर्मदा, मंदिर मस्जिद के संग गिरजा, शांति प्रेम की देता शिक्षा, मेरा भारत सदा सर्वदा..!!