अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, हिंदुस्तानी एक हैं
ना पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है हमारी पहचान तो ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं
भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान…
भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान
मैं भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।
अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, हिंदुस्तानी एक हैं
ना पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है हमारी पहचान तो ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं
भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान…
भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान
मैं भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।