आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस
ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!
देश को आजादी के नए अफसानों की जरूरत है भगत-आजाद जैसे आजादी के दीवानों की जरूरत है, भारत को फिर देशभक्त परवानों की जरूरत है..!!
हम आजादी तभी पाते हैं जब अपने जीवित रहने के अधिकार का पूरा मूल्य चुका देते हैं
यूनान-ओ-मिस्र-ओ रोमा सब मिट गए जहाँ से। अबतक मगर है बाकि नाम-ओ-निशाँ हमारा। कुछ बात है की हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों से रहा है दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा। सारे जहा से अच्छा हिन्दूस्तान हमारा हमारा..
सदा ही लहराता रहे ये तिरंगा हमारा सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा
आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस
ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!
देश को आजादी के नए अफसानों की जरूरत है भगत-आजाद जैसे आजादी के दीवानों की जरूरत है, भारत को फिर देशभक्त परवानों की जरूरत है..!!
हम आजादी तभी पाते हैं जब अपने जीवित रहने के अधिकार का पूरा मूल्य चुका देते हैं
यूनान-ओ-मिस्र-ओ रोमा सब मिट गए जहाँ से। अबतक मगर है बाकि नाम-ओ-निशाँ हमारा। कुछ बात है की हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों से रहा है दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा। सारे जहा से अच्छा हिन्दूस्तान हमारा हमारा..
सदा ही लहराता रहे ये तिरंगा हमारा सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा