मैं भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान है
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, हिंदुस्तानी एक हैं
संस्कृति और संस्कार की शान मिले ऐसे हिंदू, मुस्लमान और हिंदुस्तान मिले ऐसे हम मिलजुल कर रहे ऐसे कि मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम मिले जैसे
लड़ें वो वीर जवानों की तरह, ठंडा खून फ़ौलाद हुआ, मरते-मरते भी मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ…
दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका.. जब तक दिल में जान हैं।
मैं भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान है
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, हिंदुस्तानी एक हैं
संस्कृति और संस्कार की शान मिले ऐसे हिंदू, मुस्लमान और हिंदुस्तान मिले ऐसे हम मिलजुल कर रहे ऐसे कि मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम मिले जैसे
लड़ें वो वीर जवानों की तरह, ठंडा खून फ़ौलाद हुआ, मरते-मरते भी मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ…
दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका.. जब तक दिल में जान हैं।