करो या मरो- महात्मा गांधी
कुछ नशा तिरंगे की आन का हैं, कुछ नशा मातृभूमि की शान का हैं..
देशभक्तों से ही देश की शान है देशभक्तों से ही देश का मान है हम उस देश के फूल हैं यारों जिस देश का नाम हिंदुस्तान है
चलो फिर से आज वह नज़ारा याद कर ले, शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले, जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे देशभक्तो के खून की वो धारा याद करले..||
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे…
इस देश के वासी बखूबी ये जानते हैं की सोने की चिड़िया कहलाता प्यारा देश हमारा..
करो या मरो- महात्मा गांधी
कुछ नशा तिरंगे की आन का हैं, कुछ नशा मातृभूमि की शान का हैं..
देशभक्तों से ही देश की शान है देशभक्तों से ही देश का मान है हम उस देश के फूल हैं यारों जिस देश का नाम हिंदुस्तान है
चलो फिर से आज वह नज़ारा याद कर ले, शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले, जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे देशभक्तो के खून की वो धारा याद करले..||
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे…
इस देश के वासी बखूबी ये जानते हैं की सोने की चिड़िया कहलाता प्यारा देश हमारा..