अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

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आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस

कुछ नशा तिरंगे की आन का हैं, कुछ नशा मातृभूमि की शान का हैं..

काश मेरी जिंदगी मे सरहद की कोइ शाम आए। मेरी जिंदगी मेरे वतन के काम आए।। ना खौफ है मौत का ना आरजु है जन्नत की लेकीन जब कभी जीक्र हो शहीदो का काश मेरा भी नाम आए।। काश मेरा भी नाम आए।

आओ देश का सम्मान करें शहीदों की शहादत याद करें एक बार फिर से राष्ट्र की कमान हिंदुस्तानी अपने हाथ धरें आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करें

तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा

नेताजी सुभाष चंद्र बोस

अब भी जिसका खून नहीं खौला खून नहीं वो पानी है, जो देश के काम न आये वो बेकार जवानी है -चंद्रशेखर आजाद

आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस

कुछ नशा तिरंगे की आन का हैं, कुछ नशा मातृभूमि की शान का हैं..

काश मेरी जिंदगी मे सरहद की कोइ शाम आए। मेरी जिंदगी मेरे वतन के काम आए।। ना खौफ है मौत का ना आरजु है जन्नत की लेकीन जब कभी जीक्र हो शहीदो का काश मेरा भी नाम आए।। काश मेरा भी नाम आए।

आओ देश का सम्मान करें शहीदों की शहादत याद करें एक बार फिर से राष्ट्र की कमान हिंदुस्तानी अपने हाथ धरें आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करें

तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा

नेताजी सुभाष चंद्र बोस

अब भी जिसका खून नहीं खौला खून नहीं वो पानी है, जो देश के काम न आये वो बेकार जवानी है -चंद्रशेखर आजाद