मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!

मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!

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क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है

हम तो मोहबत के नाम से भी अनजान थे, एक शख्स की चाहत ने पागल बना दिया

बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे! बड़ी दुआओं से पाया है तुझे! तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे! किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे

नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??

एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...

क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है

हम तो मोहबत के नाम से भी अनजान थे, एक शख्स की चाहत ने पागल बना दिया

बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे! बड़ी दुआओं से पाया है तुझे! तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे! किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे

नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??

एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...