यूनान-ओ-मिस्र-ओ रोमा सब मिट गए जहाँ से। अबतक मगर है बाकि नाम-ओ-निशाँ हमारा। कुछ बात है की हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों से रहा है दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा। सारे जहा से अच्छा हिन्दूस्तान हमारा हमारा..
जिन की पत्नी वेकेशन करने मायके चली गई है, वो स्टेटस पर तिरंगा लगा कर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकते हैं।
करो या मरो- महात्मा गांधी
जो लोग दूसरों को आजादी नहीं देते, उन्हें खुद भी इसका हक नहीं होता –
अगस्त एक ऐसा दिन है जो हमें आजादी की याद दिलाता है और उन शहीदों की याद दिलाता है जिन्होंने इस देश के लिए अपना घर, अपना परिवार एवं अपनी जिंदगी सब कुर्बान कर दिया
दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका.. जब तक दिल में जान हैं।
यूनान-ओ-मिस्र-ओ रोमा सब मिट गए जहाँ से। अबतक मगर है बाकि नाम-ओ-निशाँ हमारा। कुछ बात है की हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों से रहा है दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा। सारे जहा से अच्छा हिन्दूस्तान हमारा हमारा..
जिन की पत्नी वेकेशन करने मायके चली गई है, वो स्टेटस पर तिरंगा लगा कर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकते हैं।
करो या मरो- महात्मा गांधी
जो लोग दूसरों को आजादी नहीं देते, उन्हें खुद भी इसका हक नहीं होता –
अगस्त एक ऐसा दिन है जो हमें आजादी की याद दिलाता है और उन शहीदों की याद दिलाता है जिन्होंने इस देश के लिए अपना घर, अपना परिवार एवं अपनी जिंदगी सब कुर्बान कर दिया
दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका.. जब तक दिल में जान हैं।