ऐ ईश्क सुना था के… तु अंन्धा है फिर मेरे धर का राश्ता तुजे कीसने बताया
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये ,, जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं, मेरी बुराई ना सुन सके
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
सबकी लाइफ में कम से कम एक ऐसा इंसान ?♂️ तो होना चाहिए जो हमे सच्चे दिल ♥️ से प्यार और केयर करता हो।
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो, बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी..!
यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर, तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये.
ऐ ईश्क सुना था के… तु अंन्धा है फिर मेरे धर का राश्ता तुजे कीसने बताया
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये ,, जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं, मेरी बुराई ना सुन सके
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
सबकी लाइफ में कम से कम एक ऐसा इंसान ?♂️ तो होना चाहिए जो हमे सच्चे दिल ♥️ से प्यार और केयर करता हो।
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो, बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी..!
यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर, तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये.