माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।

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स्मशान के दहकते अंगारें भी राख में तब्दील हो जाते है, जब उन्हें पता चलता है कि, हमें बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होना हैं #Love_Mahakal

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ, तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ, तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये, क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।

जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

भोले तूने तो सारी दुनिया तारी हैं, कभी मेरे सर पे भी धर के हाथ, कह दे चल बेटा आज तेरी बारी हैं

ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।

स्मशान के दहकते अंगारें भी राख में तब्दील हो जाते है, जब उन्हें पता चलता है कि, हमें बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होना हैं #Love_Mahakal

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ, तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ, तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये, क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।

जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

भोले तूने तो सारी दुनिया तारी हैं, कभी मेरे सर पे भी धर के हाथ, कह दे चल बेटा आज तेरी बारी हैं

ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।